Herbal Love Story Raw 2024 – उसकी हंसी आज भी याद आती हैं

Herbal Love Story Raw 2024 | उसकी हंसी आज भी याद आती हैं – एक बार मैं अपने माता पिता के साथ एक शादी में गया हुआ था। शादी लड़के की थी जिसका नाम अभिषेक था और वह सरकारी जॉब भी करता था। अच्छे परिवार होने की वजह से उसकी शादी की तैयारियां बड़ी धूमधाम से की गई थी। उसकी होने वाली पत्नी भी सरकारी जॉब से टीचर थी। शादी की तैयारियां इतनी धूमधाम से थी कि चारों ओर रोशनी चकाचौंध दिख रही थी।

Herbal Love Story Raw 2024 | उसकी हंसी आज भी याद आती हैं –

चारों तरफ खुशी का माहौल छाया हुआ था। सभी लोग शादी के इस माहौल को खुशी के साथ एंजॉय कर रहे थे। मैं भी शादी के इश्क खुशी के माहौल में शामिल हो गया। कुछ देर माता-पिता के साथ खड़े रहने के बाद मैं एक कुर्सी पर जाकर बैठ गया। इस दिन मैंने खूब इंजॉय किया था। दूल्हे के पिता से मेरे पिताजी के काफी अच्छे संबंध थे और दूल्हा मुझे पहले से अच्छी तरह से जानता था। Herbal Love Story Raw

अगले दिन मैं और मेरे पापा हमारी खुद की गाड़ी लेकर बारात में चले गए। मैंने लड़की के घर जाकर देखा तो देखता ही रह गया क्योंकि वहां पर भी शादी की काफी अच्छी तैयारियां की गई थी। जैसे ही बरात लड़की के दरवाजे पर पहुंची तो पटाखे चलना शुरू हो गए। कुछ देर बाद सभी के लिए नाश्ता आई थी उसमें मूंग का हलवा और गरमा गरम पकोड़े थे।

पास में ही डीजे पर गाने चल रहे थे। बारात के कुछ लोग डीजे के सामने जाकर डांस करने लगे। मैं भी खड़ा होकर डांस देख रहा था। वहां पर मेरी मुलाकात अशोक और राजेश से होती है। हम तीनों एक साथ कॉलेज में पढ़े थे। बहुत देर इंजॉय करने के बाद खाना खाने के लिए अंदर चले जाते हैं। खाना खाने के बाद बारातियों की विदाई के रस्म शुरू की गई थी। विदाई में लड़की वालों की तरफ से सभी बारातियों को सौ-सौ दिए गए थे। Herbal Love Story Raw

विदाई लेने के बाद मैं घर आने की सोच रहा था लेकिन दूल्हे से मिलने चला गया। जब मैंने उससे घर जाने की बात कही तो है मुझसे काफी नाराज हो गया और मुझे घर जाने से रोक दिया। पापा की वहीं रुक गए थी। कुछ ही देर बाद शादी की रस्में शुरू हो जाती है। पंडित मंत्रों के साथ एक के बाद एक रसूल पूरी करवा रहा था। मैं दूल्हे के पास में ही बैठा हुआ था। मुझसे थोड़ी ही दूर कई सारी लड़कियां बैठी हुई थी जो हमसे मजाक कर रही थी।

मैं अपनी तिरछी निगाहों से एक लड़की को देख रहा था जिसका नाम अंजलि था। वह लड़की रोशनी चकाचौंध में बहुत सुंदर दिख रही थी। उसका बिल्कुल मुलायम चेहरा और होठों पर थोड़ा लाल लिपस्टिक लगा हुआ था जो मुझे काफी पसंद आ रहा था। वह लड़की मेरी और ही देख रही थी कि मैंने भी उसकी और अपनी नजरें टिका दी। उस समय मैंने उस लड़की से बात करने की कोशिश की लेकिन नाकाम रहा क्योंकि पूरा मंडप लोगों से भरा हुआ था। Herbal Love Story Raw

शादी की रस्म पूरी हो जाने के बाद मैं दूल्हे के साथ एक मकान में जाकर सो गया। मुझे नींद नहीं आ रही थी। मैं केवल सोने का नाटक कर रहा था क्योंकि जब भी मैं अपनी आंखें बंद करता तो उस लड़की का चेहरा ही सामने आ जाता था। रात भर उससे बातें करने के बारे में ही सोचता रहा। मैं पलंग पर करवट बदल-बदल कर परेशान हो चुका था। Herbal Love Story Raw

अगले दिन सुबह लड़की की विदाई का समय आया तो पूरा माहौल शांत हो गया था। पापा के कहे अनुसार मैंने सामान को उठाकर गाड़ी में रखना शुरु कर दिया। इधर लड़की वाले भी विदाई की तैयारी में जुट गए थे। कुछ ही देर में दुल्हन के भाई ने दुल्हन को गाड़ी में जाकर बिठा दिया। दुल्हन गाड़ी में बैठते ही रोने लग गई और दुल्हन को रोते हुए देख उसके माता-पिता और उनके रिश्तेदार भी रोने लग गए। इस समय माहौल एकदम शांत हो गया था। Herbal Love Story Raw

मेरी नजरें रात वाली उस लड़की को ढूंढ रही थी लेकिन वह कहीं दिखाई नहीं दे रही थी। तभी अचानक मेरी नजर दुल्हन की मां के पास खड़ी एक लड़की पर पड़ती है तो देखता हूं कि अंजलि खड़ी हुई मुझे देख रही थी। मैंने उसको इशारा करते हुए पीछे मकान था उसमें आने के लिए कहा क्योंकि सभी लोग उस समय लड़की की विदाई में व्यस्त थे। कुछ ही देर बाद वह लड़की वहां पर पहुंच जाती है। मैंने फटाफट अपनी जेब से पैन निकाला और उसके हाथ में अपने मोबाइल नंबर लिख दिए। Herbal Love Story Raw

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उसकी हंसी आज भी याद आती हैं

उस समय मेरी अंजलि से बातचीत नहीं हो पाई थी इसलिए मैं उसे अपना नंबर देकर वहां से निकल गया। कुछ देर बाद दुल्हन की विदाई करती जाती है। मैं भी हमारी गाड़ी में आकर बैठ सकता हूं और पापा का आने का इंतजार करता हूं। उसके बाद मैं और पापा वापस हमारे घर आ जाते हैं। शाम के समय मैं अपने बेडरूम में लैपटॉप में गेम खेल रहा था।

तभी मेरे मोबाइल पर किसी का कॉल आने की आवाज सुनाई देती है। मैं मोबाइल उठा कर देखता हूं तो किसी अनजान नंबर से कॉल आ रहा था। जैसे ही मैंने कॉल उठाकर हेलो किया तो उधर से किसी लड़की के बोलने की आवाज सुनाई दी। उसके बाद मैंने पूछा – हेलो कौन हो? Herbal Love Story Raw

तभी उस लड़की ने बोला – मैं अंजली बोल रही हूं, पहचान गए हो। मैंने कहा – हां, पहचान गया हूं।

उसके बाद मैंने और अंजलि में लगभग आधे घंटे तक बातें की। अगले दिन मैं अभिषेक के घर चला गया और उसे सारी बातें बता दी। तब अभिषेक ने कहा मैं तुम्हारी भाभी से पूछ कर सब कुछ बता दूंगा। जैसे ही उसे मौका मिला तो उसने भाभी से पूछ कर बताया कि वह लड़की उसकी साली है। मैंने अभिषेक से कहा – यार, प्लीज मुझे एक बार तेरे साथ तेरी ससुराल लेकर चल।

अभिषेक में जवाब दिया – मैं कुछ ही दिनों में जाऊंगा, तब तुझे अपने साथ जरूर लेकर जाऊंगा। Herbal Love Story Raw

मैं उस दिन का इंतजार करता रहा। इधर मैं और अंजलि एक दूसरे के प्यार में पूरी तरह से पागल हो गए थे। मुझे ऐसे लग रहा था कि मैं अंजलि के बिना पूरी तरह से अधूरा हूं। एक दिन भी बात किए बिना मुझसे रहा नहीं जाता था। एक दिन अभिषेक ने मुझे कॉल करके अपने घर आने के लिए कहा और बताया कि आज ससुराल जाने वाला है। अभिषेक की बातें सुनकर मैं खुशी से झूम उठा।

मैंने फटाफट अपने कपड़े चेंज किए और अच्छा सा परफ्यूम लगाकर अभिषेक के घर पहुंच गया। उसके बाद मैं, अभिषेक और उसकी पत्नी तीनों वहां से रवाना हो गए। मेरे आने की खबर मैंने अंजलि को पहले ही बता दी थी। जैसे ही मैं अंजलि के घर पहुंचा तो उसे देखता ही रह गया क्योंकि आज वह काले रंग का सलवार और सफेद रंग का सूट पहने हुई थी। इन कपड़ों में वह बहुत सुंदर दिख रही थी। जैसे ही उसने मुझे देखा तो मंद मंद मुस्कुराने लगी। Herbal Love Story Raw

उसकी हंसी एकदम कयामत ढ़ा रही थी। ठंडा मौसम होने की वजह से मैं कमरे के अंदर बैठा हुआ था। तभी अंजलि मेरे लिए पानी लेकर आती हैं। मैं उसे अकेली देखकर हाथ पकड़ कर अपने पास बैठा लेता हूं और बातचीत करने लगता हूं। थोड़ी देर ही बातचीत करने के बाद वह वहां से उठ कर चली जाती है। रात भर रुकने के बाद अगले दिन हम तीनों वापस अपने घर आ गए।

उसके बाद मैंने आज तक अंजलि को नहीं देखा क्योंकि अभिषेक का दूसरे शहर में ट्रांसफर हो गया था। इसलिए वह अपनी पत्नी को लेकर दूसरे से चला गया। अभिषेक के बिना मैं भी उसकी ससुराल नहीं गया। काफी दिनों तक मेरी और अंजली की फोन पर बातें होती रही। एक दिन अंजलि ने मुझे पूरे दिन में एक बार भी कॉल नहीं किया। जब मैंने उसे कॉल किया था उसका मोबाइल स्विच ऑफ बता रहा था। Herbal Love Story Raw

उस दिन के बाद आज तक अंजलि का मेरे पास कभी कॉल नहीं आया। कॉल ना आने की वजह से मैं काफी परेशान रहने लगा लेकिन फिर खुद को संभाला। एक दिन मैंने अभिषेक से कॉल करके पूछो तब पता चला कि अंजलि की शादी कर दी गई थी। आज भी मुझे जब भी अंजलि की याद आती है तो रोने लग जाता हूं। मुझे पहली बार कोई लड़की इतना पसंद आई थी जिसको भूल पाना काफी मुश्किल था। जब भी मैं अपनी आंखें बंद करके उसके बारे में सोचने लगता हूं तो उसका हंसता हुआ चेहरा मेरे सामने आ जाता है।

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