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भारत के 5 सबसे प्रसिद्ध मंदिर | Top 5 India’s Most Famous Temples

भारत के 5 सबसे प्रसिद्ध मंदिर | Top 5 India’s Most Famous Temples – आज की इस पोस्ट में आपको भारत के 5 सबसे प्रसिद्ध मंदिरों के बारे में बताया जाएगा। आपको बता दें कि भारत को देवी-देवताओं का देश कहा जाता है। ऐसा कहा जाता है कि भारत में लगभग एक करोड़ देवी देवता निवास करते हैं। आज हम Top 5 India’s Most Famous Temples के बारे में बताएंगे उनके अलावा भी कई ऐसे मंदिर है जिन पर लाखों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं।

Top 5 India’s Most Famous Temples –

भारत एक ऐसा अद्भुत देश है, जहां धर्म संस्कृति और आस्था का अनूठा रूप देखने को मिलता है। सनातन धर्म में मंदिरों का एक विशेष महत्व है और भारत के प्रत्येक राज्य में अनेक प्रकार के मंदिर देखने को मिलते हैं। लेकिन भारत में कुछ मंदिर अपने पौराणिक इतिहास की वजह से काफी प्रसिद्ध है।

आज हम जो 5 प्रसिद्ध मंदिरों (India’s Most Famous Temples) के बारे में बताएंगे उनमें से कुछ इतने रहस्मयी है कि उनके बारे में सुनकर आप चौक जायेंगे। इसीलिए इस लेख में इन पांच प्रसिद्ध मंदिरों तथा उनसे जुड़ी प्रचलित कथाओं के बारे में बातचीत करेंगे। ‌

तिरुपति वेंकटेश्वर मंदिर, आंध्र प्रदेश (India’s Most Famous Temples) –

भगवान तिरुपति बालाजी का मंदिर नाम तो आप सभी नहीं सुना होगा क्योंकि भारत की साउथ फिल्मों में अधिकतर इस मंदिर का ही जिक्र किया जाता है। तिरुपति बालाजी का मंदिर भी किसी चमत्कार से कम नहीं है। यह मंदिर आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में तिरुमाला पर्वत पर स्थित है। यह मंदिर भारत के मुख्य तीर्थ स्थलों में से एक है। तिरुपति बालाजी मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है।

आपको बता दें कि तिरुपति बालाजी का वास्तविक नाम श्री वेंकटेश्वर स्वामी है जो स्वयं भगवान विष्णु है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान श्री वेंकटेश्वर अपनी पत्नी पद्मावत के साथ तिरुमाला में निवास करते हैं। ऐसा माना जाता है कि यहां भगवान खुद विराजमान है।

भगवान वेंकटेश्वर स्वामी की मूर्ति पर बाल लगे हैं जो असली है। ये बाल उलझते नही हैं और हमेशा मुलायम रहते हैं। जब आप कभी इस मंदिर में दर्शन के लिए जाओ तो गौर करना की मंदिर के गर्भ गृह में प्रवेश करते समय ऐसा लगेगा कि भगवान श्री वेंकटेश्वर की मूर्ति गर्भ ग्रह के मध्य में हैं। India’s Most Famous Temples

लेकिन जैसे ही आप अगर गर्भ ग्रह के बाहर आएंगे तो अचंभित रह जाएंगे क्योंकि बाहर आकर ऐसा प्रतीत होता है कि कि भगवान की प्रतिमा दाईं तरफ स्थित है। अब यह महज एक भ्रम है या भगवान का कोई चमत्कार इसका आज तक कोई पता नहीं लगा सका है।

तिरुपति बालाजी मंदिर में भगवान वेंकटेश्वर के प्रतिमा अलौकिक है। प्रतिमा इतनी जीवंत है कि ऐसा लगता है जैसे भगवान विष्णु स्वयं यहां विराजमान है। भगवान की प्रतिमा को पसीना भी आता है और पसीने की बूंदे देखी भी जा सकती है, इसलिए मंदिर में तापमान कम रखा जाता है। India’s Most Famous Temples

भगवान वेंकटेश्वर की मूर्ति पर कान लगाकर सुनने पर समुद्र की लहरों की ध्वनि भी सुनाई देती है। वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में एक दिया हमेशा चलता रहता है और सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस दीपक में कभी भी तेल या घी नहीं डाला जाता है।

आज तक किसी को नहीं पता कि दीपक को सबसे पहले किसने और कब प्रज्वलित किया था। भगवान वेंकटेश्वर के प्रतिमा पर पचाई कपूर लगाया जाता है। कहा जाता है कि यदि कपूर किसी भी पत्थर पर लगाया जाए तो उसमें कुछ समय में दरारे पड़ जाती हैं लेकिन भगवान बालाजी की प्रतिमा पर पचाई कपूर का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। India’s Most Famous Temples

मंदिर में मुख्य द्वार के दरवाजे पर दाएं तरफ एक छड़ी रखी है। इस छड़ी की मान्यता है कि बाल्यावस्था में इस छड़ी से भगवान वेंकटेश्वर की पिटाई हुई थी। जिस वजह से उनकी ठुड्डी पर चोट लग गई थी और इसलिए आज भी उनकी ठुड्डी पर चन्दन का लेप लगाया जाता है ताकि उनका घाव जल्दी से भर जाए।

बिजली महादेव मंदिर, कुल्लू (India’s Most Famous Temples) –

बिजली महादेव मंदिर भगवान शिव का एक रहस्मयी मंदिर माना जाता है क्योंकि इस मंदिर में स्थित शिवलिंग प्रत्येक 12 साल के बाद आसमानी बिजली गिरती है। इसलिए ही इस मंदिर को बिजली महादेव मंदिर के नाम से जाना जाता है।

विचत्रता से भरा महादेव का यह मंदिर हिमाचल के कुल्लू में स्थित है। शिव जी का यह अनोखा मंदिर व्यास और पार्वती नदी के संगम के पास ही एक पहाड़ पर बना हुआ है। कहा जाता है कि यहां आसमानी बिजली गिरने की वजह से शिवलिंग टूट कर चकनाचूर हो जाता है लेकिन मंदिर के पुजारी इसके सारे टुकड़ों को जमा कर मक्खन से जोड़ते हैं तब यह शिवलिंग फिर से अपने पुराने रूप में आ जाता है। India’s Most Famous Temples

पौराणिक कथा के अनुसार एक कुलांत नामक दैत्य ने इस स्थान को अपना निवास बना लिया था। वह विशाल अजगर का रूप लेकर यहां पहुंच गया। अजगर रूपी दैत्य इस जगह को पानी में डूब होना चाहता था और उसने व्यास नदी के प्रवाह को रोक दिया ताकि वहां रहने वाले सभी जीवो की पानी में डूबकर मृत्यु हो जाए।

लेकिन जब भगवान शिव को इस बात का पता चला तो उन्होंने अपने त्रिशूल से उस अजगर रूपी दैत्य कुलांत का वध कर दिया। कुलांत की मृत्यु के तुरंत बाद उसका विशाल शरीर यहाँ एक बड़े पर्वत में परिवर्तित हो गया।

ऐसा माना जाता है कि कुलांत दैत्य के नाम पर ही इस शहर का नाम कुल्लू पड़ा है। इसके बाद शिवजी ने इंद्र जी से कहा था कि हर 12 साल में एक बार इस जगह पर बिजली जरूर गिराए। ऐसा करने के लिए भगवान शिव ने इसलिए कहा था ताकि किसी मनुष्य तथा जीव जंतु को किसी भी प्रकार की कोई हानि ना हो। India’s Most Famous Temples

यहां भगवन खुद बिजली के झटके को सहन कर अपने भक्तों की रक्षा करते हैं। मंदिर के पुजारी खंडित शिवलिंग पर मरहम के तौर पर मक्खन लगाते हैं ताकि महादेव को दर्द से राहत मिले । मान्यता है कि तभ से यह सिलसिला जारी है, इस अद्भुत नजारे को देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग पहुंचते हैं।

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उनाकोटी मंदिर, त्रिपुरा (India’s Most Famous Temples) –

यह मंदिर त्रिपुरा की राजधानी अगरतला से करीब 145 किलोमीटर दूरी पर स्थित है। मंदिर की खास बात यह है की इन विचित्र मूर्तियों का आज तक कोई भी रहस्य नहीं सुलझा पाया। आपको बता दें कि उनाकोटी मंदिर में 9999999 यानी एक करोड़ में एक कम पत्थर की मूर्तियां बनी हुई है।

बताया जाता है कि इन रहस्यमयी मूर्तियों की संख्या के कारण इस स्थान का नाम उनाकोटी पड़ा है, जिसका अर्थ करोड़ में एक कम होता हैं। India’s Most Famous Temples

उनाकोटी को रहस्यमयी जगह भी माना जाता है क्योंकि यह एक पहाड़ी इलाका है। जहां दूर-दूर तक घना जंगल और दलदली इलाका है। ऐसे में सोचने वाली बात है कि जंगल के बीचो-बीच में इन लाखों मूर्तियों का निर्माण कैसे किया होगा। आज भी यह जगह शोध का विषय बनी हुई है।

यहां पत्थरों पर हिंदू देवी-देवताओं की उकेरी हुई मूर्तियां देखने को मिलती है जो कि शिल्प सौंदर्य का एक विशेष उदाहरण है। इन मूर्तियों के बारे में कई पौराणिक कथा सुनने को मिलती हैं जिसमें से प्रचलित कथा भगवान शिव से संबंधित है। जानकार बताते हैं कि एक बार भगवान शिव समेत एक करोड़ देवी-देवता कहीं जा रहे थे। रात होने की वजह से दूसरे देवी-देवताओं ने शिवजी से उनाकोटी में रुक कर विश्राम करने का आग्रह किया। उनके आग्रह को शिवजी भी मान गए लेकिन उन्होंने कहा कि सूर्योदय से पहले सभी को यह स्थान छोड़ देना होगा मगर सूर्योदय होने पर कोई नहीं उठा। India’s Most Famous Temples

भगवान शिव को छोड़कर सभी देवी-देवता गहरी निद्रा में सोए हुए थे यह देखकर भगवान शिव बहुत क्रोधित हुए और उन्होंने सभी को श्राप देकर पत्थर का बना दिया। इसी वजह से यहां 9999999 मूर्तियां हैं यानी एक करोड़ में से एक कम।

उनाकोटी मंदिर की इन मूर्तियों से संबंधित दूसरी कथा कुछ इस तरह है कि प्राचीन काल में कालू नाम का एक शिल्पकार हुआ करता था और वह भगवन शिव और माता पार्वती के साथ कैलाश पर्वत जाना चाहता था किंतु यह असंभव था।

लेकिन शिल्पकार के द्वारा बार-बार विनती करने पर भगवान शिव राजी हो गए। मगर उन्होंने कालू शिल्पकार के सामने एक शर्त रखी थी – शिवजी ने कहा कि अगर एक रात में तुम एक करोड़ देवी देवताओं की मूर्तियां बना दोगे तो मैं तुम्हें अपने साथ कैलाश पर्वत पर ले जा सकता हूं। India’s Most Famous Temples

यह सुनते ही शिल्पकार पूरी मेहनत और लगन से अपने कार्य में जुट गया वह तेजी से एक-एक करके मूर्तियों का निर्माण करने लगा उसने पूरी रात भर मूर्तियों का निर्माण किया है। लेकिन जब सुबह उन मूर्तियों को गिना गया तो उनमें से एक मूर्ति कम थी, जिसकी वजह से भगवान शिव उस कालू शिल्पकार को अपने साथ नहीं ले गए। वहां के आसपास के लोगों का मानना है कि उसी दौरान इस मंदिर का निर्माण हुआ था और यह मंदिर उनाकोटी नाम से प्रसिद्ध हो गया।

मेहंदीपुर बालाजी, राजस्थान (India’s Most Famous Temples) –

राजस्थान क्षेत्र के लोग मेहंदीपुर बालाजी को अच्छी तरह से जानते हैं। आपको बता दें कि मेहंदीपुर बालाजी मंदिर राजस्थान के दौसा जिले में स्थित है। यह एक प्रसिद्ध मंदिर है और यहां पर हनुमान जी को पूजा की जाती है। भारत के कई स्थानों पर हनुमान जी को बालाजी नाम से भी जाना जाता हैं।

इस मंदिर को लेकर इतनी आस्था है कि यहां देश के कोने-कोने से लोग पहुंचते हैं। यहां आने वाले श्रद्धालुओं का विश्वास है कि यहां पर ऐसी चमत्कारी शक्तियां हैं जिनकी वजह से भूत-प्रेत जैसी नकारात्मक शक्तियों से छुटकारा मिलता है।

ऐसा माना जाता है कि बालाजी भगवान स्वयं सारी समस्याओं का निवारण करते हैं। भूत-प्रेत की बाधा के समाधान के अलावा मिर्गी, पागलपन, लकवा, टीवी और बांझपन जैसे गंभीर रोग भी बालाजी भगवान की कृपा से जल्दी खत्म हो जाते हैं।

आपको बता दें कि कलयुग में तीन देवता यानी हनुमान जी, काल भैरव और महाकाली को जागृत बताया गया है। इस मंदिर में तीनों देवों की प्रधानता है। मेहंदीपुर बालाजी मंदिर में श्री बालाजी महाराज, श्री प्रेतराज सरकार और श्री भैरव कोतवाल यह तीन देव आज से लगभग 1008 वर्ष पूर्व प्रकट हुए थे।

इस मंदिर के पीछे यह कहानी बताई जाती है कि अरावली पहाड़ियों के बीच हनुमान भगवान की मूर्ति अपने आप बनी हुई है। इसे किसी ने बनाकर तैयार नहीं किया है। इस मंदिर के पुराने महंत को एक सपना आया था जिसमें उन्होंने 3 देवताओं को देखा था जिसे बालाजी के मंदिर निर्माण का संकेत माना जाता है। India’s Most Famous Temples

सपने में महंत जी को यह आदेश मिला कि वे सेवा करके अपने कर्तव्य का निर्वहन करें। इसके बाद से यहां हनुमान जी की पूजा अर्चना शुरू कर दी गई और फिर बाद में तीन देवता यहां स्थापित किए गए। इस मंदिर के पहले महंत गणेश पुरी जी महाराज थे। बालाजी मंदिर जाने पर आपको एक अलग ही माहौल देखने को मिलेगा। यहां आपको आदमी और औरतों के जोर-जोर से चिल्लाने की आवाजें सुनाई देंगे जो कि आपको भयभीत भी कर सकती है।

यहां 4 चेंबर बने हुए हैं। पहले दो चेंबर में हनुमान जी और भैरव की मूर्ति हैं जबकि तीसरे और चौथे में दुष्ट आत्माओं के सरदार प्रेतराज का प्रांगण है। सरदार प्रेतराज के प्रांगण में अनेक लोग दिखाई देंगे। जिसमें पुरुष महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। बताते हैं कि इन लोगों पर प्रेत आत्माओं का साया होता है और इनके निवारण से जुड़ी सारी प्रक्रिया इस कक्ष में होती है।

ऐसा कहा जाता है कि बालाजी मंदिर जाने पर यहां लोगों से बात नहीं की जाती और उन्हें छुआ भी नहीं जाता हैं क्योंकि ऐसा माना जाता है कि बहुत से लोगों में प्रेत होते हैं जिनसे आप भी प्रभावित हो सकते है। इसके अलावा याद रखें कि जब भी आप मेहंदीपुर बालाजी मंदिर में जाए तो कोई भी खाने की चीज जैसे प्रसाद या पानी की एक बूंद भी वापस अपने घर ना लेकर जाए। India’s Most Famous Temples

इस मंदिर में एक चौंकाने वाली बात यह भी है कि बालाजी की मूर्ति में छाती की बाई और एक छोटा सा छेद है। जिसमें से हमेशा पानी की एक पतली धारा बहती रहती है। इस पानी को एक टैंक में जमा किया जाता है और फिर उसे बालाजी भगवान के चरणों में रखकर लोगों में वितरित किया जाता है।

काठगढ़ महादेव मंदिर, हिमाचल प्रदेश (India’s Most Famous Temples) –

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में स्थित काठगढ़ महादेव मंदिर विश्व का एकमात्र ऐसा मंदिर है, जहां दो भागों में बांटा शिवलिंग है। आपने अधिकतर स्थान पर भगवान शिव की पूर्ण प्रतिमा या शिवलिंग की पूजा होते हुए जरूर देखा होगा लेकिन काठगढ़ महादेव मंदिर में ऐसा नहीं है क्योंकि यहां दो भागों में बांटे शिवलिंग की पूजा होती है, इसलिए इसे अर्धनारीश्वर शिवलिंग भी कहा जाता है।

आश्चर्य की बात है कि इन दो भागों का आकार भी एक जैसा नहीं है। यह अंतर ग्रहों और नक्षत्रों के परिवर्तित होने के अनुसार ही बदलता रहता है। गर्मियों के दिनों में इस प्रतिमा के बीच काफी अंतर आ जाता है जबकि सर्दियों में यह अंतर कम हो जाता है और दोनों एक रूप धारण कर लेते हैं। India’s Most Famous Temples

माना जाता है कि मां पार्वती और भगवान शिव के दोनों भागों के बीच का अंतर घटता-बढ़ता रहता है और महाशिवरात्रि के दिन इनका मिलन हो जाता है, इसलिए महाशिवरात्रि के दिन यहां बड़ी धूमधाम से पूजा-अर्चना की जाती है। महाशिवरात्रि का दिन इसलिए भी खास माना जाता है क्योंकि इसी दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। महाशिवरात्रि पर यहां पर विशाल मेले का आयोजन किया जाता है और काठगढ़ महादेव के इस चमत्कार को देखने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचते हैं।

यहां मौजूद शिवलिंग अस्टकोणीय है और काले भूरे रंग का है। शिव रूप में पूजे जाने वाले शिवलिंग की ऊंचाई लगभग 7 से 8 फीट है और पार्वती के रूप में आराध्य का हिस्सा 5 से 6 फुट का है। शिव पुराण के अनुसार ऐसा कहा जाता है कि एक बार ब्रह्मा जी और भगवान विष्णु के बीच अपनी श्रेष्ठता को लेकर भयंकर युद्ध हुआ था। उसमें दोनों देव अपने दिव्यास्त्रों का प्रयोग कर रहे थे जिससे संपूर्ण सृष्टि का विनाश संभव था।

इस भयाभय स्थती को देख और संपूर्ण सृष्टि को विनाश से बचाने के लिए बचाने के लिए भगवान शिव अग्नि तुल्य ज्योतिर्लिंग के रूप में प्रकट हुए और दोनों देवताओं को सामान बता कर उन्होंने पूरी सृष्टि को विनाश से बचाया। India’s Most Famous Temples

उसके बाद से ही अग्नि तुल्य ज्योतिर्लिंग को काठगढ़ महादेव के रूप में जाना जाने लगा कहा जाता है। ऐसा कहा जाता है कि अग्नि तुल्य ज्योतिर्लिंग शिवरात्रि के दिन प्रकट हुआ था इसलिए भगवान शिव और माता पार्वती का यह प्रशांत स्वरूप महाशिवरात्रि के दिन एक हो जाता हैं।

निष्कर्ष –

इस पोस्ट में भारत के 5 सबसे प्रसिद्ध मंदिरों (Top 5 India’s Most Famous Temples) के बारे में बताया गया हैं और इस लेख को पढ़कर आपको नई जानकारी प्राप्त हुई होगी। भारत को देवी-देवताओं का देश कहा जाता है। ऐसी मान्कयता है की भारत में लगभग एक करोड़ देवी देवता निवास करते हैं। भारत के हर मंदिर से कुछ पुरानी बातें जुड़ीं हुई हैं और हम सभी को इनके बारें जानना जरुरी हैं।

दोस्तों अगर आपको कभी भी मौका मिले तो इन पांचों मंदिर में से आप कौन से मंदिर में जाना पसंद करेंगे नीचे कमेंट करके जरूर बताएं। अगर आपको इस जानकारी से कुछ भी नया सीखने को मिला है तो अपने परिवार के सदस्यों एवं दोस्तों के साथ शेयर जरुर करे।

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