Best Tips: Website Blog को Google में #1 Rank कैसे करें?

Website Blog को Google में #1 Rank कैसे करें? – हेलो दोस्तों, आज की इस पोस्ट में Website Blog को Google में #1 Rank में कैसे लाये, Increase Website Traffic Tips, गूगल पर रैंक कैसे बढ़ाए?, वेबसाइट को जल्दी रैंक कैसे करें, Increase Website Traffic Tips Hindi, ब्लॉग या वेबसाइट पर ट्रैफिक कैसे बढ़ाये, 2024 में ब्लॉग साइट को रैंक कैसे करें और वेबसाइट की रैंकिंग के लिए महत्वपूर्ण बातें बताई गई हैं, जो आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। ब्लॉग साइट का ट्रैफिक Increase करने के लिए आपको ये पूरी बातें जाननी चाहिए, तो चलिए शुरू करते है।

Table of Contents

Website Blog को Google में #1 rank कैसे करें? 

आज के इस डिजिटल युग में हर कोई व्यक्ति ऑनलाइन तरीके से पैसे कमाना चाहता हैं। कई लोग वेबसाइट पर काम करना अधिक पसंद करते हैं, लेकिन वर्तमान समय में वेबसाइट को रैंक करना आसान नहीं हैं। वेबसाइट को सर्च इंजन में रैंक कराने के लिए एसईओ (SEO) के साथ-साथ अन्य बातों पर भी ध्यान देना चाहिए। कई लोग ऐसे होते हैं जो अपनी साइट पर दिन-रात मेहनत करके अच्छा काम करते है, परन्तु ब्लॉग या वेबसाइट को सर्च में नहीं ला पाते हैं। इस आर्टिकल्स Blog को Google में #1 rank करने  के बारें में बताया हैं, बस आपको अंत तक जरुर पढ़ना हैं।

वेब होस्टिंग क्या होती है? (What is Web Hosting) –

वेब होस्टिंग के माध्यम से हमारी वेबसाइट इंटरनेट पर होस्ट होती है। इसी के माध्यम से आप किसी भी वेबसाइट को देख सकते है। अपनी वेबसाइट के लिए किस तरह का होस्टिंग प्लान अच्छा रहेगा यह आपको तय करना है। अगर आपकी वेबसाइट नहीं है तो आप सस्ता होस्टिंग प्लान खरीद सकते हैं क्योंकि नई वेबसाइट की लगभग 3 महीने तक रैंकिंग बहुत कम होती है।

अगर आप पहले से ही कई वेबसाइट पर कार्य करते हैं और आपकी वेबसाइट पर अच्छा ट्रैफिक आ रहा है तो आपको एक अच्छा होस्टिंग प्लान खरीदना होगा। वेबसाइट के लिए कितनी जगह एवं कितना ट्रैफिक लोड कर सकती है यह सब कुछ होस्टिंग पर निर्भर होता है। Blog को Google में #1 rank

याद रखें अपने डोमेन को होस्टिंग सर्वर से कनेक्ट करते समय होस्टिंग प्रदाता कंपनी से उसके सर्वर के बारे में अच्छी तरह से जानकारी हासिल कर ले। क्योंकि इस डिजिटल दुनिया में कई ऐसे होस्टिंग कंपनियां है जो बहुत कम कीमत पर होस्टिंग उपलब्ध करवाती है लेकिन कुछ दिनों बाद उनमें कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। जैसे की वेबसाइट का ठीक समय पर नहीं खुलना, पेज का लोड नहीं होना, ऑटोमेटिक वेबसाइट का सर्वर डाउन हो जाना इस तरह की कई प्रकार की समस्या आ जाती है।

इसलिए अपने डोमेन को होस्टिंग सर्वर से कनेक्ट करने के लिए एक उच्च क्वालिटी की होस्टिंग प्रदाता कंपनी से होस्टिंग खरीदें। लाइटस्पीड सर्वर (Lightspeed Server) होस्टिंग के लिए सबसे अच्छा माना जाता है, इसलिए होस्टिंग खरीदते समय लाइट स्पीड सर्वर के बारे में होस्टिंग प्रदाता कंपनी से बात जरूर करें। Lightspeed Server को वेबसाइट की स्पीड के लिए सबसे अच्छा माना जाता है। Blog को Google में #1 rank

एसईओ क्या है? (What is SEO) –

प्रत्येक वेबसाइट के लिए एसईओ बहुत जरूरी होता है। क्या आप जानते हैं एसईओ (SEO) के बिना वेबसाइट पर ट्रैफिक लाना असंभव होता है। सरल भाषा में कहा जाए तो एसईओ डिजिटल मार्केटिंग का एक मुख्य हिस्सा है जिसके माध्यम से हमारी वेबसाइट सर्च इंजन में रैंक कर पाती है। जिस तरह इंसान के लिए भोजन जरूरी होता है ठीक उसी प्रकार एक वेबसाइट की रैंकिंग के लिए एसईओ जरूरी होता है।

SEO Friendly वेबसाइट का डिजाइन –

अपनी वेबसाइट को कस्टम रुप से डिजाइन करते समय आपको एक बात खास तौर पर याद रखना है कि डिजाइन करने के साथ-साथ आप की वेबसाइट का SEO Friendly होना बहुत जरूरी है। किसी वेबसाइट को डिजाइन करते समय उस के होम पेज पर कभी भी अधिक कंटेंट को बिल्कुल भी ऐड नहीं करना चाहिए। क्योंकि ऐसा करने से वेबसाइट का स्पीड बहुत कम हो जाता है जो गूगल के लिए सही नहीं है। Blog को Google में #1 rank

गूगल में अच्छी रैंकिंग प्राप्त करने के लिए वेबसाइट को बिल्कुल साधारण डिजाइन करना चाहिए क्योंकि इससे आपकी वेबसाइट की स्पीड अच्छी रहेगी। आपने कभी कभी देखा होगा कि कई वेबसाइट ऐसी होती है जो देखने में बहुत अच्छी लगती लेकिन जब हम उनके कंटेंट को पढ़ने के लिए क्लिक करते हैं तो वह बहुत देर में लोड होती है। इसलिए आपकी वेबसाइट का SEO Friendly होना बहुत जरूरी होता है। SEO के बिना आप अपनी वेबसाइट पर अच्छा ट्रैफिक नहीं ला सकते है।

SEO का Full Form Hindi – एसईओ को हिंदी भाषा में “खोज इंजन अनुकूलन” कहा जाता है जबकि अंग्रेजी में “सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन” (Search Engine Optimization) कहा जाता है। Blog को Google में #1 rank

साइटमैप क्या होता है? (What is a Sitemap) –

प्रत्येक वेबसाइट के लिए साइटमैप (Sitemap) एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है जिसके माध्यम से हमारी ब्लॉग या वेबसाइट को सर्च इंजन क्रॉल कर पाता है। Sitemap गूगल सर्च कंसोल और बिंग मास्टर जैसे टूल के लिए उपयोग किया जाता है। साइटमैप जोड़ने के बाद गूगल या बिंग के क्रॉलर हमारी वेबसाइट के सारे लिंक को इंडेक्स कर देते है। साइटमैप जोड़ने के बाद ही हमारी वेबसाइट सर्च इंजन में इंडेक्स हो पाती है। यानी साइटमैप वह होता है जिसमें हमारी वेबसाइट के सभी एक लिंक्स का समावेश होता है।

Sitemap किस तरह से जनरेट करते है? –

वेबसाइट को सर्च इंजन में इंडेक्स तथा रैंक कराने के लिए साइटमैप का होना बहुत जरूरी होता है। वर्डप्रेस वेबसाइट के लिए साइटमैप जनरेट करना आसान होता है क्योंकि इसमें Yoast और Rankmath जैसे प्लगइन खुद साइटमैप क्रिएट कर देते हैं। उसके बाद उन साइटमैप को सर्च कंसोल में जाकर जोड़ना होता है। 

ब्लॉग और वेबसाइट के लिए साइटमैप खुद के द्वारा तैयार करना होता है या किसी अन्य वेबसाइट से जनरेट करना होता है। इन वेबसाइट (Sitemap Generator Tool) के माध्यम से भी आप अपनी वेबसाइट का साइटमैप आसानी से जनरेट कर सकते हैं।

https://www.mysitemapgenerator.com/

https://www.xml-sitemaps.com/

https://smallseotools.com/xml-sitemap-generator/

Sitemap कहां पर सबमिट किया जाता है? –

अपनी वेबसाइट का साइटमैप्स सबमिट करने के लिए सबसे पहले आपको बेवमास्टर के सर्च कंसोल में जाना होगा। उसके बाद आपको Sitemap ऑप्शन दिखाई देगा उस पर क्लिक कर देना है। फिर वहां पर आप अपना साइटमैप सबमिट कर सकते हैं।

सबसे पहले आपको साइटमैप जनरेट करना होगा और फिर उसे डाउनलोड करने के बाद Hosting Cpanel में जाकर ऐड कर दे। इसके अलावा आपको साइटमैप को गूगल वेबमास्टर टूल में भी ऐड करना होगा, इससे आपकी वेबसाइट को सर्च इंजन से ऑर्गेनिक ट्रैफिक प्राप्त होगा। Blog को Google में #1 Rank

Robots.txt File क्या है? (What is Robots.txt File) –

Robots.txt क्रोलिंग करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है। इसके माध्यम से सर्च इंजन को यह बताते हैं कि हमारे वेबसाइट का कौनसा पेज और पोस्ट इंडेक्स करना है। सर्च इंजन पर हम अपनी वेबसाइट या ब्लॉग के पेज को क्रोलिंग के लिए साइट में Robots.txt फाइल जोड़ते हैं। Robots.txt फाइल के माध्यम से हम वेबसाइट के टैग, कैटेगिरी, फोटो को इंडेक्स होने से भी रोक सकते हैं।

वेबसाइट का Robots.txt कैसे Generate करें –

आपकी वेबसाइट का robots.txt file का होना बहुत जरूरी होता है। वेबसाइट के लिए robots.txt फाइल को खुद के द्वारा भी तैयार किया जा सकता है या किसी अन्य Robots.txt Generator Tool का इस्तेमाल करके भी बनाया जा सकता है। robots.txt फाइल जनरेट करना वाले टूल –

https://smallseotools.com/robots-txt-generator/

http://tools.seobook.com/robots-txt/generator/

इसके माध्यम से आप अपनी वेबसाइट पर आपके अनुसार रोबोट्स को सेट कर सकते है। आप जो भी robots.txt file तैयार करते हैं उसे अपनी वेबसाइट में जोड़ना होगा। अधिकतर वेबसाइट में इस तरह की robots.txt file का इस्तेमाल किया जाता है। Blog को Google में #1 Rank

User-Agent: *

Disallow: /wp-admin/

Allow: /wp-admin/admin-ajax.php

वेबसाइट क्रॉलिंग क्या है? (What is Website Crawling) –

क्रॉलिंग के माध्यम से सर्च इंजन वेबसाइट की रैंकिंग तथा सभी तरह की पोस्ट या पेज एनालिसिस करके इंडेक्स करता है। आसान भाषा में कहा जाए तो हम अपनी वेबसाइट या ब्लॉग पर जो भी कंटेंट पोस्ट करते हैं उसे सर्च इंजन क्रॉलर के माध्यम से इंडेक्स करने के साथ उसकी क्वालिटी चेक करता है। आपके कंटेंट की क्वालिटी के अनुसार ही आपकी वेबसाइट की रैंकिंग रखता है। हम वेबसाइट पर जब भी नया आर्टिकल पोस्ट करेंगे तो सर्च इंजन के क्रॉलर उसे Crawling करेंगे। Blog को Google में #1 Rank

इंडेक्सिंग क्या है? (What is Indexing) –

Indexing सर्च कंसोल का एक महत्वपूर्ण ऐसा होता है जिसके माध्यम से हम अपने यूआरएल को इंडेक्सिंग के लिए भेजते हैं। उसके बाद सर्च इंजन के क्रॉलर संपूर्ण वेबसाइट को क्रॉल करते है और जिन वेबसाइट के पेज पर यूनिक, क्वालिटी कंटेंट और हाईपर लिंक्स गुड क्वालिटी कंटेंट रहता है, तो सर्च इंजन उसे अपने इंजन पर रैंकिंग के अनुसार इंडेक्स कर लेता है।

डोमेन नेम क्या है? (What is Domain Name?) –

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डोमेन हमारी वेबसाइट या बिजनेस को प्रदर्शित करने के लिए खरीदा जाता है। डोमेन के माध्यम से हम बिजनेस को लोगों तक पहुंचा पाते हैं। आसान भाषा में कहा जाए तो वेबसाइट बनाने एवं किसी भी सामग्री या बिजनेस का प्रचार करने के लिए हम जो नाम सुनते हैं उसे डोमेन नेम कहते हैं। अपने बिजनेस को प्रोफेशनल बनाने तथा उसकी एक अलग पहचान बनाने के लिए डोमेन क्रिएट किया जाता है। Blog को Google में #1 Rank

आज के समय में Godaddy, Namecheap, Bluehost, Besdrock, Hostinger जैसी आदि कंपनियां डोमेन नेम प्रोवाइड करवाती है। डोमेन नेम क्रिएट करने के बाद हम वेबसाइट बनाकर बिजनेस को ऑनलाइन ला सकते हैं। डोमेन नेम के जरिए आज की डिजिटल दुनिया में खुद की एक अलग छवि तैयार कर सकते हैं।

डोमेन नेम कैसे खरीदे –

अपनी खुद की वेबसाइट बनाने या बिजनेस को ऑनलाइन ले जाने के लिए आपको सबसे पहले नाम का चयन करना होगा। यानी आपको कोई ऐसा नाम जोड़ना होगा जो आपके बिजनेस या वेबसाइट के कार्य से संबंधित हो। उसके बाद आपको Godaddy जैसी डोमेन प्रोवाइडर किसी भी वेबसाइट पर जाकर अकाउंट बनाना होगा। Blog को Google में #1 Rank

अकाउंट बनाने के लिए आपको अपना नाम, ईमेल आईडी, पता तथा मोबाइल नंबर डालने होंगे। उसके बाद आपका अकाउंट बनकर तैयार हो जाएगा फिर आपको अपना डोमेन नेम सर्च करके देखना है। अगर आपके द्वारा सर्च किया हुआ डोमेन नेम उपलब्ध है तो आप उसे आसानी से खरीद सकते हैं। किसी भी डोमेन प्रोवाइडर कंपनी से डोमेन नेम खरीदने के लिए आपको पैसे खर्च करने होंगे।

डोमेन एक्सटेंशन क्या है –

वेबसाइट बनाने के लिए हम जो भी नाम अपने डोमेन के लिए सेलेक्ट करते हैं उसे गूगल या बिंग के सर्च इंजन पर दिखाने के लिए डोमेन की कैटेगरी को सेलेक्ट करते हैं। जब भी आप वेबसाइट बनाने या बिजनेस को ऑनलाइन ले जाने के लिए डोमेन नाम का चयन करते हैं तो उसका एक्सटेंशन किस तरह का होना चाहिए यह आपको चुनना होगा। आपके द्वारा चुने गए एक्सटेंशन के अनुसार ही आपका डोमेन इन्टरनेट पर सर्च इंजन के माध्यम से लोगों तक पहुंचाया जायेगा। Blog को Google में #1 Rank

डोमेन एक्सटेंशन कई प्रकार के होते हैं। उदाहरण के लिए – अगर हम किसी भी ऑर्गेनाइजेशन वेबसाइट के लिए डोमेन खरीदते हैं तो उसके लिए .org एक्सटेंशन का चयन करते हैं ठीक उसी प्रकार अगर हम शिक्षा से संबंधित वेबसाइट बनाना चाहते हैं तो .edu एक्सटेंशन का चयन करते हैं। अधिकतर लोग अपने व्यवसाय का प्रचार करने के लिए .com एक्सटेंशन का चयन करते हैं क्योंकि इंटरनेट की दुनिया में इस डोमेन एक्सटेंशन को सबसे बड़ा माना जाता है।

सर्वर क्या होता है? (What is Server) –

सर्वर होस्टिंग और डोमेन के बीच का एक माध्यम होता है जिसके माध्यम से आप किसी भी वेबसाइट पर जो भी सर्च करते है, सर्वर उसे आईपी एड्रेस के माध्यम से डोमेन कनेक्ट करता है और सम्बंधित जानकारियों को आप तक पहुंचाने में मदद करता है।

उदहारण के लिए – आपने देखा होगा जब किसी गवर्नमेंट वेबसाइट पर रिजल्ट देखते हैं या किसी एग्जाम का फॉर्म भरते हैं तो वह वेबसाइट कभी-कभी लोडिंग नहीं हो पाती है। लोडिंग नहीं होने के कारण उस वेबसाइट में आपके सामने लिखा आता है कि वेबसाइट का सर्वर डाउन है। जब भी आप अपने कंप्यूटर या मोबाइल से किसी ब्लॉग या वेबसाइट पर कुछ सर्च करते है तो वह सर्वर आपके IP एड्रेस को केप्चर करके आपके द्वारा दिए गए निर्देश को https के माध्यम से डोमेन तक पहुचाता है। Blog को Google में #1 Rank

एसईआरपी क्या है? (What is SERP)  –

SERP को सरल भाषा में आप विज्ञापन (Ads) भी कह सकते है। इसका इस्तेमाल आप अपनी वेबसाइट पर किसी भी कंटेंट को प्रमोशन के लिए कर सकते हैं, जिसे Paid Marketing के नाम से भी जाना जाता है। इसके द्वारा आप अपनी वेबसाइट के पेज को सर्च इंजन में सबसे ऊपर दिखा सकते हैं।

एसईआरपी (SERP) का पूरा नाम – Search Engine Result Page है।

कैनोनिकल यूआरएल क्या है?

कैनोनिकल यूआरएल (Canonical URL) का काम सबसे अच्छे यूआरएल का चयन करना होता है। इसका मुख्य काम जो विजिटर जिस चीज के बारे में इंटरनेट पर सर्च कर रहा है उसे उस तक पहुंचाना होता है। उस यूआरएल का सिलेक्शन कैनोनिकल यूआरएल में आता है।

Paid रिजल्ट क्या होता है?

Paid रिजल्ट को देखे तो यह आर्गेनिक रिजल्ट के बिल्कुल विपरीत होता है। आप अपनी वेबसाइट के लिए गूगल एडवर्ड के माध्यम से सर्च इंजन पर Paid मार्केटिंग कर सकते है। इसके माध्यम से आप अपने यूआरएल को सर्च इंजन पर पहले पेज पर टॉप पोजीशन पर देख सकते है। पैसे देकर कंटेंट को प्रमोट करने को हम Paid रिजल्ट के नाम से जानते है। Blog को Google में #1 Rank

वेबसाइट पर आर्गेनिक ट्रैफिक क्या है? (What is Organic Traffic to the Website) –

आर्गेनिक रिजल्ट सर्च इंजन पर एक बहुत बड़ा रोल होता है इसके माध्यम से आपकी वेबसाइट पर सबसे ज्यादा ट्रैफिक लाने में आपको मदद मिलती है। किसी भी सर्च इंजन से ऑर्गेनिक ट्रैफिक लेकर आना बहुत चुनौतीपूर्ण काम होता है क्योंकि आज के समय में हर तरह के कंटेंट के लिए लाखों की संख्या में वेबसाइट उपलब्ध है। Blog को Google में #1 Rank

Oragnic Traffic प्राप्त करने के लिए वेबसाइट पर हाई क्वालिटी यूनीक कंटेंट होना अत्यंत जरूरी होता है। आप की वेबसाइट पर यूनिक एवं क्वालिटी कंटेंट होने के बाद ही सर्च इंजन आपके कंटेंट को ऑर्गेनिक खोज के द्वारा लोगों तक पहुंचाएगा और उसके बाद ही आप की वेबसाइट पर ऑर्गेनिक ट्रैफिक आना प्रारंभ होगा।

ऑन पेज एसईओ क्या है –

ऑन पेज एस.ई.ओ एक तरह से हमारी वेबसाइट के प्रदर्शन चैक करने के लिए किया जाता है। वेबसाइट पर ऑर्गेनिक ट्रैफिक लाने के लिए साइट के अंदर Tittle, Meta Tag, Meta Description, Focus Keywords, Images Seo, Rss feeds, Sitemap, Alt tag, Robots.txt, Sitemap Creation, H1 Tag आदि सभी चीजो का ऑन पेज एस.ई.ओ में ध्यान रखना चाहिए। Blog को Google में #1 rank

ऑफ पेज एस.ई.ओ क्या है?

ऑफ पेज पर हम अपने वेबसाइट की रैंकिंग को बढ़ाने के लिए करते है। जिसमे हम अपनी वेबसाइट को अलग-अलग वेबसाइट पर प्रमोटे करते है। जिसमे हम Content Marking, Guest Posting, Social Media, Link Building, Comment’s जैसे महत्वपूर्ण काम को इसके माध्यम से किया जाता है।

गूगल सजेशन-ऑटोकम्पलीट क्या है?

आपने देखा होगा जब भी आप सर्च इंजन पर कुछ नया सर्च करते हैं तो आगे की वर्ल्ड गूगल खुद आपको सुझाता है, इसे ही गूगल सजेशन ऑटोकंपलीट कहा जाता है।

उदाहरण – जैसे आपने गूगल सर्च इंजन पर सर्च करने के लिए Website टाइप किया लेकिन आप देखेंगे कि सर्च इंजन पर आपको अपने आप Website के आगे Website Traffic, Website Design, Website in Hindi, Increase Website Traffic Tips, Website Development आदि शब्दों का सुझाव अपने आप देता है जिससे आपको सर्च करने में कठिनाई नहीं होती है।

कीवर्ड क्या है? (What is Keyword) –

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कीवर्ड को आसान भाषा में समझा जाए तो सर्च इंजन में जिस शब्द को लोगों के द्वारा सबसे ज्यादा सर्च किया जाता है उसे ही कीवर्ड कहा जाता है। अगर आप अपने ब्लॉग या वेबसाइट में किसी भी व्यक्ति विशेष के बारे में पोस्ट करते हैं तो उससे संबंधित कीवर्ड जोड़ते हैं। अगर कोई व्यक्ति आपके द्वारा लिखे गए कंटेंट से संबंधित कीवर्ड सर्च इंजन में सर्च करेगा तो आपकी वेबसाइट का पोस्ट सर्च में दिखाई देगा। Blog को Google में #1 Rank

Keywords कितने प्रकार के होते हैं –

Keywords कई प्रकार के होते हैं, उनमें से दो कीवर्ड मुख्य रूप से सबसे अधिक उपयोग किए जाते हैं –

  1. Long Tail कीवर्ड
  2. LSI कीवर्ड
1. Long Tail कीवर्ड क्या है?

लॉन्ग टर्म कीवर्ड पर काम करके आप अपनी वेबसाइट पर अच्छा ऑर्गेनिक ट्रैफिक प्राप्त कर सकते हैं। इसके माध्यम से आप अपने कंटेंट को लंबे समय तक टॉप रैंकिंग पर बनाये रख सकते हैं। long tail Keywords पर काम करने से आपको यह फायदा होगा की एक तो आपका कंटेंट टॉप रैंकिंग पर बना रहेगा तथा दूसरा यह है की आपके लॉन्ग टेल कीवर्ड से आपके साइट पर ऑर्गेनिक ट्रैफिक लंबे समय तक मिलता रहेगा।

लॉन्ग टर्म Keywords पर काम करने के साथ अपनी वेबसाइट के कंटेंट का टाइटल भी उसी के अनुसार लिखना चाहिए। ताकि वेबसाइट कुछ ही दिनों में उस कीवर्ड पर आसानी से रैंक कर सके। ब्लॉग या वेबसाइट पर ऑर्गेनिक ट्रैफिक प्राप्त करने का यह सबसे अच्छा तरीका होता है। Blog को Google में #1 Rank

2. एलएसआई कीवर्ड क्या होता है –

LSI कीवर्ड को अव्यक्त सिमेंटिक इंडेक्सिंग (Latest Indexing Semantically) कहा जाता है। यह कीवर्ड सर्च इंजन पर आपको सर्च इंजन के अनुसार बने हुए मिलते है। आपको बता दें कि जो व्यक्ति जिस तरह से सर्च इंजन पर Keyword लिखकर सर्च करता है तो सर्च इंजन उसे अपने अंदर कीवर्ड के रूप में जोड़ लेता है।

आपने देखा होगा की जब आप सर्च इंजन पर जो कुछ भी सर्च करके पेज के बोटम में जाते है तो आपको वहां कुछ लिंक्स का समूह बना हुआ मिलता है, इन्ही समूह को हम LIS Keyword कहा जाता है। Blog को Google में #1 Rank

पेज टाइटल क्या है? (What is Page Title) –

पेज टाइटल मुख्य रूप से कंटेंट के बारे में जानकारी प्राप्त करवाता है। ठीक तरह से समझा जाए तो पेज टाइटल हमारे कंटेंट का एक तरह से चेहरा होता है। पेज टाइटल के माध्यम से ही उसके कंटेंट के बारे में अनुमान लगाया जा सकता है। अपनी वेबसाइट के कंटेंट में पेज टाइटल बनाते समय आप एक अच्छे कीवर्ड को टारगेट करके फ्रेश टाइटल तैयार कर सकते हैं। ताकि सर्च इंजन आपके द्वारा पोस्ट किये गए कंटेंट को टाइटल के माध्यम से यूजर तक आसानी से पहुंचा सके।

हैडिंग टैग क्या होता है –

जब भी हम अपनी वेबसाइट पर किसी कंटेंट से संबंधित पोस्ट बनाते हैं तो उसमें H1 लेकर H6 तक हैडिंग टैग को क्रिएट करते है। जिससे हमारे कीवर्ड को सर्च इंजन और हमारे यूजर्स आसानी से समझ जाता है। कंटेंट पोस्ट करते समय हैडिंग टैग का इस्तेमाल करने से वेबसाइट के रैंक करने की संभावना भी बढ़ जाती है। Blog को Google में #1 Rank

यूआरएल की परिभाषा क्या है?

प्रत्येक वेबसाइट के कंटेंट का एक यूआरएल होता है जो सर्च इंजन पर पहचान के लिए मिडिएटर का काम करता है। यूआरएल के माध्यम से ही वेबसाइट के पेज या कंटेंट को इंडेक्स किया जाता है।

यूआरएल का फुल फॉर्म हिंदी में – यूनिफार्म रिसोर्स लोकेटर

URL Full Form – Uniform Resource Locator

एसईओ फ्रेंडली यूआरएल आपकी वेबसाइट के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण होते हैं। इसलिए कंटेंट लिखते समय कीवर्ड का इस्तेमाल यूआरएल में जरूर करना चाहिए ताकि सर्च इंजन से अच्छा ऑर्गेनिक ट्रैफिक प्राप्त हो सके। एसईओ फ्रेंडली वेबसाइट के लिए आपके कंटेंट के सभी यूआरएल क्लीन होने चाहिए। Blog को Google में #1 Rank

मेटा डिस्क्रिप्शन क्या है?

मेटा डिस्क्रिप्शन के माध्यम से ही हमारे कंटेंट के यूआरएल की पहचान सर्च इंजन पर होती है। वेबसाइट के कंटेंट के Meta Description पर उससे संबंधित जानकारी लगभग 150 शब्दों में लिख सकते हैं। वेबसाइट की रैंकिंग तथा खोज इंजन के लिए मेटा डिस्क्रिप्शन बहुत जरूरी होता है।

बैकलिंक्स क्या होती है?

वेबसाइट पर अन्य किसी दूसरी वेबसाइट से आने वाली लिंक को बैकलिंक्स कहा जाता है। हम अपनी वेबसाइट के अलावा किसी दूसरी वेबसाइट पर कॉमेंट तथा गेस्ट पोस्टिंग करके बैकलिंक्स प्राप्त करते हैं। बैकलिंक्स से हमारी वेबसाइट का लिंक बिल्डिंग होता है जिसके कारण हमारी साइट का कंटेंट सर्च इंजन पर ऊपर की रैंकिंग पर बढ़ता है। सर्च इंजन पर वेबसाइट को रैंकिंग करने के लिए क्वालिटी कंटेंट और बैकलिंक्स का होना बहुत जरूरी होता है। Blog को Google में #1 Rank

वैसे देखा जाए तो बैकलिंक्स कई प्रकार की होती है, उनमें से कुछ के नाम नीचे दिए गए हैं –

  1. डू-फॉलो बैकलिंक्स
  2. इंटरनल बैकलिंक्स
  3. आउटगोइंग बैकलिंक्स

1. डू-फॉलो बैकलिंक्स क्या है –

डू-फॉलो बैकलिंक्स वह होती है जिन्हें हम दूसरी वेबसाइट पर टारगेट करते है। इसके साथ ही उन वेबसाइट को नो-फॉलो करना है या डू-फॉलो यह हम अपने अनुसार उस वेबसाइट पर करते है, जहाँ पर हम अपने यूआरएल को पोस्ट कर रहे है। आपको बता दें कि डू-फॉलो वेबसाइट को गूगल के क्रोल फॉलो करते है। Blog को Google में #1 Rank

2. इंटरनल बैकलिंक्स क्या होती है –

Internal Backlinks हमारी वेबसाइट के अन्दर वो लिंक्स होती है जो हमारी वेबसाइट के कंटेंट को एक-दूसरे से जोड़ती है, उसे ही इंटरनल बैकलिंक्स कहा जाता है। जैसे आप अपनी वेबसाइट के अंदर एक नया पोस्ट तैयार करते हैं तो उसके अंदर उसे से संबंधित दूसरे पोस्ट का लिंक भी डाल देते हैं। ताकि विजिटर जब हमारे इस नए कंटेंट को पढ़ने के लिए आए तो वह उसे से संबंधित दूसरे कंटेंट को भी पढ़ने के लिए उस लिंक के माध्यम से पहुंच जाए।

3. आउटगोइंग बैकलिंक्स क्या होती है –

Outgoing Backlinks वह कहलाती है जिन्हें हम दूसरी वेबसाइट या लिंक्स के लिए टारगेट करते है। मान लीजिए आपके पास दो ब्लॉग या वेबसाइट है और आपने उन दोनों वेबसाइट को बैकलिंक्स के माध्यम से एक दूसरे से जोड़ रखा है। यानी जब कोई विजिटर आप की पहली वेबसाइट पर आए और वह लिंक के माध्यम से दूसरी वेबसाइट पर पहुंच जाता है, तो इसे ही आउटगोइंग बैकलिंक्स कहते हैं। Blog को Google में #1 Rank

वेबसाइट पेज इंडेक्सिंग कैसे चेक करते है –

किसी भी वेबसाइट के पेज इंडेक्सिंग चेक करने के लिए खोज वेबमास्टर टूल का इस्तेमाल किया जाता है। खोज वेबमास्टर टूल के माध्यम से ही पेज इंडेक्स है या नहीं इसका पता लगा सकते हैं।

गूगल सर्च कंसोल में पेज इंडेक्सिंग चेक करने के लिए सबसे पहले आपको सर्च कंसोल में जाना होगा और उसके बाद यूआरएल इंपेक्शन (URL Inspection) ऑप्शन पर क्लिक करना है। वहां पर आप अपने कंटेंट के यूआरएल को पेस्ट करके इंडेक्सिंग का पता लगा सकते हैं। Blog को Google में #1 Rank

वेबसाइट में 404 Error क्या है? (What is 404 Error in Website)-

एसईओ की दृष्टि से देखा जाए तो 404 Error वेबसाइट के लिए नुकसानदायक हो सकता है। क्योंकि अगर आप फौजी कंटेंट पोस्ट करते हैं और उसे कुछ दिनों बाद हमेशा के लिए हटा देते हैं तो उस जगह 404 Error दिखाई देगा। क्योंकि जब कोई व्यक्ति आपकी वेबसाइट पर उस कंटेंट से संबंधित सर्च करेगा तो साइट का यूआरएल तो दिखाई देगा लेकिन वह वेब पेज उपलब्ध नहीं होगा। ऐसी स्थिति में आपकी वेबसाइट पर 404 Error Page दिखाई देगा। Blog को Google में #1 Rank

वेबसाइट में Redirections क्या होता है –

वेबसाइट के लिए Redirections का मतलब होता है मुख्य यूआरएल की जगह किसी अन्य दूसरी जगह विजिटर को ट्रांसफर करना। यानी जब कोई विजिटर किसी लिंक्स पर क्लिक करके आर्टिकल को पढ़ने के लिए आपकी साइट पर आता है और आपने उस कंटेंट को डिलीट कर दिया है तो ऐसी स्थिति में आप रीडायरेक्शन के माध्यम से विजिटर को अपनी वेबसाइट के किसी भी पेज पर भेज सकते हैं। Blog को Google में #1 Rank

अपने ब्लॉग या वेबसाइट से 404 Error को हटाने के लिए भी आप Redirections का इस्तेमाल कर सकते हैं। ब्लॉगर पर बनाई गई वेबसाइट में इस तरह के Error को हटाने के लिए आप कोडिंग का इस्तेमाल कर सकते हैं या सेटिंग में जाकर वहां से लिंक के माध्यम से रीडायरेक्ट कर सकते हैं। इसी तरह वर्डप्रेस वेबसाइट में 404 Error ठीक करने के लिए आप Plugins का इस्तेमाल कर सकते हैं या RankMath जैसे टूल के माध्यम से भी आप विजिटर को आसानी से अपनी वेबसाइट के किसी दूसरे कंटेंट पर रीडायरेक्ट कर सकते हैं।

Images में Alt Text क्या होता है?

सरल भाषा में समझा जाए तो Alt टेक्स्ट वेबसाइट के कंटेंट में उपयोग किए जाने वाले कीवर्ड को कहा जाता है। इसके लिए आप RankMath Plugin का उदाहरण ले सकते हैं क्योंकि यह प्लगइन इमेज में Alt Text लिखने के लिए ऑप्शन देता है। आपने इस प्लगइन के अंतर्गत देखा होगा कि इमेज डालते समय फोकस कीबोर्ड को इमेज में Alt Text के रूप में लिखा जाता है। इसलिए वेबसाइट की अच्छी रैंकिंग के लिए कंटेंट के अंदर एक इमेज जरूर जोड़ें तथा उसके अंदर Alt Text के रूप में फोकस कीवर्ड का इस्तेमाल जरूर करें। Blog को Google में #1 Rank

वेबसाइट ट्रैफिक के लिए यूनिक कंटेंट (Unique Content for Website Traffic) –

अपनी वेबसाइट को सर्च इंजन में टॉप पेज पर रैंक कराने के लिए यूनिक एवं उच्च क्वालिटी कंटेंट का होना बहुत जरूरी है। आपको नया कंटेंट लिखते समय ध्यान रखना है कि आपका कंटेंट एकदम यूनिक होना चाहिए। वेबसाइट पर ऑर्गेनिक ट्रैफिक लाने के लिए उच्च क्वालिटी एवं यूनिक कंटेंट का बहुत बड़ा योगदान होता है। क्योंकि जब गूगल आपकी वेबसाइट को Crowl करता है, तो आपका कंटेंट जितना अच्छा और यूनिक रहेगा तो गूगल उसे अपने सर्च इंजन पर सबसे ज्यादा रैंक करेगा। अपनी वेबसाइट पर बेहतर तथा यूनिक क्वालिटी कंटेंट लिखने से आपको सर्च इंजन से अच्छा खासा ऑर्गेनिक ट्रेफिक मिलेगा। 

याद रखें आपकी वेबसाइट में Good Content Strategy का बहुत बड़ा महत्व होता है क्योंकि वेबसाइट पर गुणवत्ता की सामग्री, कंटेंट क्वालिटी अच्छा होना Visitor Strategy में आपकी मदद करेगा। हमेशा नया कंटेंट पोस्ट करते समय याद रखें कि आपके द्वारा लिखा गया कंटेंट बिल्कुल नया और उच्च क्वालिटी शब्दों के इस्तेमाल से बना होना चाहिए। नया कंटेंट लिखते समय कीवर्ड पर जरूर फोकस करें क्योंकि इसके द्वारा ही वेबसाइट को सर्च इंजन में रैंक कराया जा सकता है।

आपकी साइट पर जितना अधिक उच्च क्वालिटी एवं नया कंटेंट होगा गूगल उसे सबसे अधिक क्रॉल करेगा तथा सर्च इंजन में आपकी वेबसाइट को टॉप पेज पर रैंकिंग कराएगा। अगर आप लॉन्ग टर्म कीवर्ड और क्वालिटी शब्दों के माध्यम से नया आर्टिकल लिखते हैं तो सर्च इंजन इस तरह के आर्टिकल तथा वेबसाइट को सबसे अधिक क्रॉल करेगा। Blog को Google में #1 Rank

लॉन्ग टर्म की वर्ड पर कंटेंट लिखने का फायदा होता है कि आपको अपनी वेबसाइट पर लंबे समय तक सर्च इंजन रैंकिंग प्राप्त होती है तथा उसी के अनुसार आपकी वेबसाइट पर ऑर्गेनिक ट्रैफिक मिलता रहता है। ऐसा कहना भी गलत नहीं होगा कि ऑर्गेनिक ट्रैफिक प्राप्त करने के लिए लॉन्ग टर्म कीवर्ड पर काम करना चाहिए।

Google Webmaster Tool का इस्तेमाल –

गूगल वेबमास्टर टूल प्रत्येक वेबसाइट के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है यानी यह एक डॉक्टर की तरह काम करता है। इस टूल की मदद से आप अपनी वेबसाइट के ट्रैफिक की पूरी रिपोर्ट चेक कर सकते हैं। वेबसाइट को Google Webmaster Tool में जोड़ने के लिए सबसे पहले आपको सर्च कंसोल ओपन करना होगा। उसके बाद वहां पर अपनी वेबसाइट के होम पेज का यूआरएल डालकर उसे वेरीफाई करना होगा। फिर वेबमास्टर टूल से कॉपी किए गए वेरीफाई कोड को अपनी वेबसाइट head पर जोड़ना करना होगा। 

उसके बाद आप अपनी वेबसाइट के यूआरएल की Indexing चेक कर सकते हैं तथा वेबमास्टर टूल में साइटमैप जोड़ सकते हैं। इसी के माध्यम से आपकी वेबसाइट गूगल सर्च इंजन पर सबमिट होती है। आप इस टूल से आपकी वेबसाइट का पूरी रिपोर्ट देख सकते हैं जैसे की आपकी वेबसाइट गूगल पर इंडेक्स हुई है या नहीं, Search Results, Coverage Issue, Mobile Usability, Page Experience, Breadcrumbs Issue, Sitemap रिपोर्ट आदि को आसानी से चेक कर सकते हैं।

Google Analytics Tool का इस्तेमाल –

एक रैंकिंग वेबसाइट के लिए यह टूल बहुत जरूरी होता है क्योंकि इसके माध्यम से वेबसाइट पर आने वाले विजिटर के बारे में पूरा पता लगाया जा सकता है। यानी वेबसाइट को ट्रेस करने के लिए गूगल एनालिटिक्स टूल का इस्तेमाल किया जाता है। इस टूल की मदद से आप अपनी वेबसाइट पर आने वाले विजिटर्स की रिपोर्ट जैसे किस आर्टिकल से कितने विजिटर आ रहे हैं और वे किस देश या शहर से हैं। वेबसाइट पर आने वाले विजिटर्स की पूरी जानकारी गूगल एनालिटिक्स टूल्स के माध्यम से प्राप्त कर सकते हैं। Blog को Google में #1 Rank

सोशल मीडिया पर सामग्री साझा करें (Share Content on Social Media)  –

अपनी वेबसाइट को सर्च इंजन में टॉप पेज पर रैंक कराने के लिए आपको सोशल नेटवर्किंग वेबसाइटों का इस्तेमाल करना चाहिए। यानी अपनी वेबसाइट पर जो भी कंटेंट पोस्ट करते हैं उसे सोशल मीडिया पर शेयर जरूर करना चाहिए। आप सभी अच्छी तरह से जानते हैं कि आज के समय में सोशल मीडिया जैसे फेसबुक, व्हाट्सएप, टि्वटर, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम, लिंकडइन आदि का सबसे अधिक इस्तेमाल किया जाता है और इन पर कंटेंट शेयर करके साइट अच्छा ट्रैफिक प्राप्त किया जा सकता है। 

अपनी वेबसाइट के कंटेंट को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर करने के लिए आपको फेसबुक, टेलीग्राम जैसे कई बड़े प्लेटफार्म का इस्तेमाल करना चाहिए। आप सभी अच्छी तरह से फेसबुक पर अपने कंटेंट को प्रमोट करना बहुत आसान होता है। इसलिए आप अपनी वेबसाइट के कंटेंट से संबंधित ग्रुप ज्वाइन कर सकते है और उनमें अपना कंटेंट शेयर करके ट्रैफिक ला सकते हैं। बिल्कुल नई ब्लॉग या वेबसाइट के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से Blog को Google में #1 Rank लाना बहुत आसान होता है।

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